भोपाल, 06 अक्टूबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने अपनी सीएसआर पहल के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) के साथ मिलकर नवी मुंबई में ऐतिहासिक जी+11 मंजिला कैंसर हॉस्पिटल प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस नए हॉस्पिटल ब्लॉक में मल्टीस्पेशियलिटी सेवाओं के साथ 60 बिस्तरों वाला बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) सेंटर तैयार होगा, जो देश और दक्षिण एशिया के सबसे बड़े सेंटर में से एक होगा।

प्रोजेक्ट लगभग 2.4 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनेगा और इसमें हर साल करीब 1.3 लाख ओपीडी मरीजों को सेवा देने की क्षमता होगी। साथ ही, वर्ष में 600 से अधिक जीवनरक्षक बोन मैरो ट्रांसप्लांट सर्जरी की जाएगी। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (एल&टी) द्वारा ईपीसी मोड में किया जाएगा और संचालन जुलाई 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। कुल लागत करीब ₹380 करोड़ है।
एनएसई के एमडी और सीईओ, आशिष कुमार चौहान ने कहा, “हमें टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ इस ऐतिहासिक पहल में साझेदारी करने का सम्मान मिला है। हमारा उद्देश्य कैंसर मरीजों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य ज़रूरतों में सहयोग देना और भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई में सार्थक योगदान करना है।”
टाटा मेमोरियल सेंटर के डायरेक्टर डॉ. सुदीप गुप्ता ने कहा, “यह नया हॉस्पिटल ब्लॉक कैंसर मरीजों के लिए अन्य बीमारियों के इलाज की सेवाओं की कमी को पूरा करेगा। 60 बिस्तरों वाले बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) यूनिट के निर्माण से यह दक्षिण एशिया के सबसे बड़े बीएमटी सेंटर्स में शामिल होगा।”
एसीटीआरईसी के डायरेक्टर डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए मददगार होगी, जिन्हें कैंसर के साथ अन्य बीमारियाँ भी हैं, जबकि एसीटीआरईसी के उपनिदेशक और बीएमटी विशेषज्ञ डॉ. नवीन खत्री ने बताया कि बीएमटी एक जटिल और जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे अब सस्ती दरों पर मरीजों तक उपलब्ध कराया जाएगा।
इस नई सुविधा के बनने से न केवल नवी मुंबई बल्कि पूरे देश में कैंसर देखभाल की गुणवत्ता और सुलभता बढ़ेगी। भूमि पूजन समारोह रविवार को एनएसई और टीएमसी के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।





