कवर्धा, 08 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में दो दिन पहले एक ह्रदय विदारक सड़क दुर्घटना सामने आई थी। चिल्फी इलाके के अकलघरिया में एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही बोलेरो को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से बोलेरों में सवार एक बच्ची समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। मरने वाले सभी पश्चिम बंगाल के थे जो घूमने के लिए कान्हा नेशनल पार्क गए हुए थे। सभी छत्तीसगढ़ होते हुए अपनी ट्रेन पकड़ने बिलासपुर जा रहे थे, लेकिन इससे पहले उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया।

इस हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों का अंतिम संस्कार कवर्धा में ही किया गया। इनमें माँ परम भट्टाचार्य और उसकी 10 साल की बेटी अदिति भट्टाचार्य शमिल है। संयोगवश मंगलवार को ही 10 साल की मासूम अदिति का जन्मदिन था। ऐसे में अंतिम संस्कार करने कवर्धा पहुंचे उसके पिता इंद्रजीत भट्टाचार्य और दूसरे परिजनों ने स्थानीय मुक्तिधाम में दोनों माँ-बेटी को नम आंखो से विदाई दी। इतना ही नहीं बल्कि पिता ने बेटी के जन्मदिन को याद करते हुए उसकी अर्थी को गुब्बारों से सजाया और अंतिम संस्कार से पहले केक भी काटा और उसे टोपी भी पहनाई।
वहां मौजूद लोग यह मार्मिक दृश्य देखकर अपने आंसू रोक नहीं पाएं। इस अंतिम संस्कार में मानों भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। इस दौरान पिता इंद्रजीत भी पत्नी और बेटी से बिछड़ने के गम में डूबे हुए थे जबकि परिजन भी आंसू बहा रहे थे। बताया जा रहा है कि, इंद्रजीत आरएसएस से जुड़े हैं। ऐसे में उनकी अंतिम यात्रा में जिले के आरएसएस व भाजपा से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल हुए और परिवार के दुख में साथ खड़े रहे। बच्ची के पिता ने कहा कि उनके लिए बहुत कठिन पल था।
इस दुर्घटना के बाद बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती हुई दिखाई दी। दरअसल घटना के बाद जहां घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया तो सभी पांच शवों को बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। लेकिन यहाँ फ्रीजर की व्यवस्था नहीं थी, लिहाजा चार शव करीब 24 घंटे तक स्ट्रेचर में ही रखे हुए थे। बताया गया कि, यहाँ सिर्फ एक शव के लिए ही फ्रीजर की व्यवस्था थी जिसमें ड्राइवर की लाश रखी हुई थी। परिजनों के पहुँचने में देर होने पर सभी शव दुसरे दिन जिला अस्पताल भेज दिए गये। वही मृतक ड्राइवर जो कि एमपी का निवासी था, उसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया था।



