प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 8 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि गत वर्ष इसी सभागार में आयोजित कार्यशाला सफल रही थी और पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाई गई थी। जशपुर में 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित करने की आवश्यकता बताई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर इस समाज के उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के तहत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कें बनी हैं और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण का भी उल्लेख किया, जिसे आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर संरक्षित करने की दिशा में सरकार की बड़ी पहल बताया। उन्होंने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला जनजातीय समाज के इतिहास और परंपराओं को उजागर करने के साथ-साथ उनके उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि कार्यशाला की रूपरेखा प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में कदम उठाएगी।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे, जिसने पूरे देश में संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ जनजातीय समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि कार्यशाला के माध्यम से ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं जो समाज के गौरव और आत्मसम्मान को ऊँचा उठाने में सहायक हों।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।





