Media 24 Desk
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025

चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े बांध के जवाब में भारत ने ब्रहमपुत्र घाटी में 65 गीगावाट की नई जलविद्युत परियोजना शुरू करने का ऐलान किया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 6.42 लाख करोड़ रुपये है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा तैयार मास्टर प्लान के अनुसार, 2035 तक ब्रह्मपुत्र के 12 उप-बेसिनों से बिजली निकालने के लिए 10 हजार किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित की जाएंगी। इस योजना में पूर्वोत्तर राज्यों की 208 बड़ी पनबिजली परियोजनाएं शामिल होंगी।
ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए टिकाऊ, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा स्त्रोत विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जलविद्युत न केवल नवीकरणीय बिजली का प्रमुख स्रोत है, बल्कि यह ऊर्जा प्रणाली को लचीला और स्थिर बनाने में भी मदद करेगा।
मास्टर प्लान में पंप स्टोरेज प्लांट की 11,130 मेगावाट क्षमता को अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली में एकीकृत करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।





