प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 14 अक्टूबर 2025
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित एमपी ट्रैवल मार्ट-2025 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की उपस्थिति ने देश-विदेश के प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में स्थापित छत्तीसगढ़ स्टॉल ने राज्य के प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन स्थलों की सुंदर झलकियों के साथ वन्यजीव पर्यटन, इको-टूरिज़्म और फिल्म पर्यटन की अवधारणा को भी प्रदर्शित किया।
इस मौके पर आयोजित राउंड टेबल सेशन में राजस्थान, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड और मणिपुर सहित विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य विषय राज्य-स्तरीय साझेदारी और पर्यटन निवेश के नए अवसर थे। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने निवेशकों, ट्रैवल एजेंट्स और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञों से मुलाकात कर राज्य में पर्यटन के अवसरों और सरकार द्वारा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारत के हृदय में स्थित वह भूमि है जहां प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यहां की हरियाली, जलप्रपातों की कल-कल ध्वनि और जनजातीय संस्कृति पर्यटकों को अद्वितीय अनुभव प्रदान करती है। उनका कहना था कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बने।
एमपी ट्रैवल मार्ट-2025 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मध्यप्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध फिल्म और टेलीविजन निर्माता एकता कपूर, अभिनेता गजराज राव और रघुबीर यादव, फिक्की के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना सूरी, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के अध्यक्ष रवि गोसाईं सहित 27 देशों के प्रतिनिधि और 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया।
तीन दिनों के इस आयोजन के दौरान 3000 से अधिक बिजनेस टू बिजनेस मीटिंग्स आयोजित हुईं, जिनके माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नई साझेदारियों के द्वार खुले। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की सशक्त भागीदारी ने राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान और वैश्विक मंच पर मजबूती दी।



