प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025

इस फेस्टिव सीज़न में अमेज़न इंडिया उन हज़ारों कर्मचारियों, एसोसिएट्स और पार्टनर्स की मेहनत का जश्न मना रहा है, जिनकी लगन देशभर में लाखों ग्राहकों और विक्रेताओं के लिए तेज़, भरोसेमंद और शानदार अनुभव सुनिश्चित करती है। इसी कड़ी में पुणे की कस्टमर सर्विस एसोसिएट रेखा पडवाल की कहानी प्रेरणास्त्रोत बन गई है, जिन्होंने अपने जीवन में आए कई संघर्षों को पार कर सफलता की नई मिसाल कायम की।
रेखा पांच साल की उम्र में पोलियो से पीड़ित हो गई थीं और तब से व्हीलचेयर पर जीवन यापन कर रही हैं। भंडारा, महाराष्ट्र में पली-बढ़ीं रेखा ने सामाजिक रूढ़ियों और शारीरिक बाधाओं के बावजूद पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की। वे बताती हैं, “मेरे पिता हमेशा कहते थे कि लोगों की नजरों से मत डरिए, अपने काम और उपलब्धियों से साबित कीजिए कि आप क्या कर सकती हैं।”
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रेखा ने सिलाई, ब्यूटी सर्विस और टेली-कॉलिंग में प्रशिक्षण लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली। पुणे शिफ्ट होने के बाद रेखा ने पैराएथलीट्स की कम्युनिटी से जुड़कर खेलों में अपने जज्बे को नयी दिशा दी। 2019 में उन्होंने व्हीलचेयर मैराथन में गोल्ड मेडल जीता और महिलाओं की व्हीलचेयर टीम के साथ सिर्फ दो महीने की ट्रेनिंग में स्टेट चैम्पियनशिप जीत ली।
रेखा ने जल्द ही अमेज़न इंडिया में कस्टमर सर्विस एसोसिएट के रूप में काम शुरू किया। शुरुआत में डिजिटल टूल्स सीखना और जिम्मेदारियों को संभालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम और मैनेजर्स के सहयोग से उन्होंने खुद को साबित किया। “शुरुआत में मैं थोड़ी नर्वस थी, लेकिन टीम ने मुझे पहले दिन से ही अहम और काबिल महसूस कराया,” रेखा बताती हैं।
विगत छह वर्षों में रेखा ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें 2019 में दो बार ‘कस्टमर ऑब्सेशन’ अवॉर्ड जीतना भी शामिल है। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके योगदान की सराहना की गई।
आज, ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान रेखा अमेज़न के ग्राहकों के लिए पीछे से अहम् भूमिका निभा रही हैं। उनकी मेहनत और लगन अमेज़न के नेतृत्व सिद्धांतों को जीवंत बनाए रखती है। रेखा कहती हैं, “मैं हर दिन बड़ी संख्या में कस्टमर कॉल्स संभालती हूं, फीडबैक लेती हूं और टीम के साथ मिलकर तेजी से सेवा देती हूं। अमेज़न ने मुझे सफल होने के लिए सब कुछ दिया – सहयोगी मैनेजर्स, सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर और बराबरी का माहौल।”
हाल ही में रेखा ने अमेज़न द्वारा आयोजित विकलांग कर्मचारियों के करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया। इसमें डेटा मैनेजमेंट, कस्टमर कम्युनिकेशन और वर्कफ़्लो एफिशिएंसी जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए, ताकि फेस्टिव सीज़न में व्यस्तता के दौरान एसोसिएट्स अपने कौशल का सर्वोत्तम उपयोग कर सकें।
अपनी यात्रा पर रेखा कहती हैं, “मैं ऐसा जीवन जीना चाहती थी जहां मैं भावनात्मक, आर्थिक और शारीरिक रूप से अपने पैरों पर खड़ी रह सकूँ। अमेज़न ने मुझे यह मौका दिया और बड़े सपने देखने का हौसला भी।”
रेखा की कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता की नहीं, बल्कि समावेशिता, मेहनत और सेवा की प्रेरणा भी है। इस फेस्टिव सीज़न में उनके प्रयास लाखों ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।





