सारंगढ़, 30 अक्टूबर 2025
माँ समलेश्वरी के आशीर्वाद से सारंगढ़ की पावन भूमि पर आज धर्म और संस्कृति के संरक्षण का ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में 140 भटके हुए भाई-बहनों ने सनातन धर्म में पुनः प्रवेश किया।
परम पूजनीय अजय उपाध्याय जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न इस समारोह में जूदेव ने परंपरागत विधि से सभी धर्मांतरित बंधुओं के पैर पखारकर उनका स्वागत किया और उन्हें सनातन संस्कृति में वापस लाया।

अपने भावपूर्ण उद्बोधन में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा —
“माँ समलेश्वरी की इस पवित्र भूमि पर आज धर्म की पुनःस्थापना का एक गौरवशाली क्षण है। सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है जो समरसता, प्रेम और सत्य के मार्ग पर अग्रसर करती है।”
उन्होंने आगे कहा —
“यह घरवापसी हम परम पूजनीय कार्तिक उरांव जी को समर्पित करते हैं, जिन्होंने अपना जीवन जनजातीय समाज की संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण के लिए समर्पित किया। पूज्य पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी द्वारा प्रारंभ किया गया घर वापसी अभियान हमारे जीवन का आधार है और यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक संस्कृति पुनर्जागरण का कार्य है।”
इस कार्यक्रम में घर वापसी छत्तीसगढ़ प्रांत की संयोजिका अंजू गबेल ने कहा कि —
“छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय भूषण पांडेय, अध्यक्ष जिला पंचायत सारंगढ़ ने की। मंच पर उपस्थित प्रमुख अतिथियों में राजकुमार चौधरी (प्रांत प्रमुख धर्मजागरण), मेहर बाई नायक (स्वाध्याय प्रमुख), पूर्व विधायक केराबाई मनहर, जिलाध्यक्ष भाजपा ज्योति पटेल, मुक्ता वर्मा, उषाकला रेख बाई रामनामी, गुलाराम रामनामी और आचार्य श्रीराम भगत रामनामी शामिल थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रवि तिवारी, किशन गुप्ता, इशांत शर्मा, धीरज सिंह और अन्य युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम का संचालन अमित गोगले ने किया।
इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने धर्म, समाज और राष्ट्र की एकता के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
🚩 “घर वापसी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कृति और आत्मसम्मान का पुनर्जागरण है।” — प्रबल प्रताप सिंह जूदेव





