प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 05 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य अलंकरण एवं रजत महोत्सव समापन समारोह आज राजधानी रायपुर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में 34 श्रेणियों में 41 विभूतियों को राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कहा—“छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में विकास की एक शानदार यात्रा तय की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में एक नवंबर को रजत महोत्सव का शुभारंभ हुआ था। आज हम सब संकल्प लें कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल हो रही हैं। राजनांदगांव में उपराष्ट्रपति के हाथों ‘महतारी वंदन’ का पैसा भेजा गया, जो मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है।
उपराष्ट्रपति बोले – ‘शांति से बड़ा कोई विकास नहीं’
समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रसिद्ध नारे “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” से की। उन्होंने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शिता थी कि छत्तीसगढ़ का गठन हुआ। मैं तब सांसद था और राज्य पुनर्गठन विधेयक के पक्ष में मतदान किया था। आज छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में असाधारण प्रगति की है।”
उन्होंने नक्सलवाद पर चिंता जताते हुए कहा—“शांति से बड़ा कोई विकास नहीं होता। मैं सभी नक्सलियों से अपील करता हूं कि बंदूकें छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली की दिशा में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।”
नेताओं की सराहना
उपराष्ट्रपति ने राज्य के नेताओं के कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सशक्त बनाया, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय पहल की है।
इस भव्य समारोह के साथ छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव और राज्योत्सव का समापन ऐतिहासिक उत्सव में बदल गया।





