प्रमोद मिश्रा
नया रायपुर, 13 नवंबर 2025

कलिंगा विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह 2025 बुधवार, 12 नवंबर को भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने की। विशेष अतिथि के रूप में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा और छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस समारोह में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन से हुई। कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने स्वागत भाषण और दीक्षांत संदेश प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव कुमार (अध्यक्ष, कलिंगा विश्वविद्यालय ट्रस्ट), कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोरा, उपकुलाधिपति डॉ. सज्जन सिंह, ट्रस्टी डॉ. शर्मिला, ट्रस्टी डॉ. सीमा अरोरा, महानिदेशक डॉ. बायजू जॉन, कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि कलिंगा विश्वविद्यालय ने स्थापना के कुछ वर्षों में ही मध्य भारत के अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का क्षण है जब विद्यार्थी अपने ज्ञान और परिश्रम के फलस्वरूप उपाधि प्राप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ की भावना के साथ अपने ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण में करें।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं बल्कि यह विद्यार्थियों के परिश्रम और उत्कृष्टता का सम्मान है। उन्होंने कहा, “अपनी शिक्षा और योग्यता को समाज और राष्ट्र के विकास यज्ञ से जोड़ने से ही आपकी शिक्षा सार्थक होगी।”
प्रो. विजय कुमार गोयल ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
दीक्षांत समारोह में सभी प्राध्यापक, अतिथि और विद्यार्थी अकादमिक गणवेष में शोभायात्रा के रूप में दीक्षांत स्थल तक पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंच संचालन स्नेहाशीष सरकार और सुमिरा मदान ने किया। समारोह में विश्वविद्यालय के सभी संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, छात्र, अभिभावक और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





