नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के फरार प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। उनके द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए धारा 32 के तहत दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान फटकार लगाते हुए कहा कि“आपको अपनी जुबान पर लगाम रखना चाहिए था, कोई राहत नहीं दी जा सकती।”

दरअसल, अमित बघेल पर आरोप है कि उन्होंने सनातन धर्म के आस्था प्रतीक झूलेलाल जी, अग्रसेन महाराज, दीन दयाल उपाध्याय के खिलाफ घृणित बयान दिए थे। इसी मामले में रायपुर के देवेंद्र नगर और कोतवाली थानों में FIR दर्ज है। बयानबाजी के बाद से बघेल कई महीनों से फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की कार्रवाई फिलहाल खाली हाथ ही रही है।
सुप्रीम कोर्ट में किसने की पैरवी?
सुप्रीम कोर्ट में बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे और अभिनव गर्ग ने पैरवी की, जबकि राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता रवि शर्मा ने पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद रायपुर पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तेज़ी से दबिश देने की तैयारी में जुट गई है।





