प्रमोद मिश्रा
रायपुऱ, 05 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में मध्य भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला निर्माण के लिए हरी झंडी मिल गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि डेढ़ एकड़ में बनने वाली यह अत्याधुनिक लैब प्रदेश में नकली खाद्य पदार्थ और दवाइयों की पहचान को बेहद आसान और तेज बनाएगी।
मंत्री ने कहा कि पहले राज्यों के बाहर लैब भेजे जाने पर जांच रिपोर्ट महीनों बाद आती थी, लेकिन अब नवा रायपुर की इस नई सुविधा से घंटों में रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी और कार्रवाई भी तुरंत होगी।
मुख्य बजट 2025–26 में की गई महत्वपूर्ण घोषणा को पूरा करते हुए सरकार ने 46.49 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। मशीनें लगने और पूरी लैब तैयार होने तक खर्च 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद छत्तीसगढ़ को फूड व ड्रग टेस्टिंग के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नई लैब शुरू होने के बाद परीक्षण क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी—
- रासायनिक परीक्षण: 500–800 नमूनों से बढ़कर 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष
- माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण: इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि के 2000 नमूने प्रतिवर्ष
- मेडिकल डिवाइसेस परीक्षण: दस्ताने, कैथेटर आदि के 500 नमूने प्रतिवर्ष (पहली बार परीक्षण)
- फार्मास्यूटिकल्स परीक्षण: 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रतिवर्ष
सरकार का दावा है कि लैब शुरू होने के बाद प्रदेश में मिलावटी खाद्य सामग्री, नकली दवाइयों व खराब मेडिकल डिवाइसेस पर लगाम लगेगी और कार्रवाई की गति कई गुना बढ़ेगी।





