प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 31 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 2 करोड़ 73 लाख लोगों को खाद्यान्न सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। राज्य में इस समय 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलन में हैं।
सरकार द्वारा वास्तविक हितग्राहियों तक राशन पहुँचाने के लिए ई-केवायसी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 2.3 करोड़ यानी 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूरा हो चुका है। अभी लगभग 30.32 लाख लोगों का ई-केवायसी बाकी है।
राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा लोग “मेरा ई-केवायसी” मोबाइल ऐप से भी घर बैठे अपना केवायसी कर सकते हैं। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार नंबर और ओटीपी से फेस वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
प्रदेश में इस समय 14,040 राशन दुकानें संचालित हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत लोग राशन प्रणाली से जुड़े हुए हैं।
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए 99.7 प्रतिशत लोगों का आधार सीडिंग और 85 प्रतिशत का ई-केवायसी पूरा किया जा चुका है।
सरकार द्वारा 73 लाख से अधिक प्राथमिकता परिवारों को मुफ्त चावल और 8.5 लाख गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को रियायती दर पर चावल दिया जा रहा है। प्राथमिकता परिवारों को पोषक तत्वों से युक्त फोर्टिफाइड चावल भी मिल रहा है।
इसके अलावा नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के पांच जिलों के 402 दूरस्थ गांवों में 42,220 राशन कार्डधारियों को चावल, चना, शक्कर, नमक और गुड़ मुफ्त दिया जा रहा है।



