रायगढ़, 05 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के विरोध के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय बर्बरता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस मामले में कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
गिरफ्तारी के बाद सिग्नल चौक से न्यायालय तक पुलिस ने आरोपी का सार्वजनिक जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के चेहरे पर लिपस्टिक और कालिख पोती गई, उसे चप्पलों की माला पहनाई गई और उससे सड़क पर उठक-बैठक करवाई गई। पुलिसकर्मियों ने उससे नारे भी लगवाए –
“पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है।”
यह कार्रवाई महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में की गई।
27 दिसंबर को तमनार के लिबरा चौक पर हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने एक महिला आरक्षक को घेर लिया, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे अर्धनग्न कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में महिला आरक्षक रोते हुए लोगों से हाथ जोड़कर कहती दिख रही है –
“भाई, मुझे छोड़ दो, मुझे माफ कर दो…”
इसके बावजूद भीड़ उसे धमकाती रही।
मुख्य आरोपी –
- चित्रसेन साव
अब तक गिरफ्तार अन्य आरोपी –
- मंगल राठिया
- चिनेश खमारी
- प्रेमसिंह राठिया
- कीर्ति श्रीवास
- वनमाली राठिया
(सभी निवासी – ग्राम आमगांव)
एक आरोपी अभी फरार है।
यह पूरा मामला JPL कोयला खदान सेक्टर-1 की जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है।
14 गांवों के करीब 4000 ग्रामीण धरने पर बैठे थे।
27 दिसंबर की सुबह सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया।
दोपहर होते-होते भीड़ उग्र हो गई,
- बैरिकेड तोड़े
- पुलिस पर पथराव किया
- महिला TI कमला पुषाम को लात-घूंसे मारे
- पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस जला दी
- कोल हैंडलिंग प्लांट में आग लगा दी
हालात इतने बिगड़े कि कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में भी आगजनी और पथराव जारी रहा।
भारी विरोध के बाद जिंदल प्रबंधन ने कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर-1 की जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया।
महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। आरोपी का जुलूस निकालकर पुलिस ने सख्त संदेश दिया है कि
“वर्दी का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”





