प्रमोद कुमार
रायपुर | 14 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग ने पिछले दो वर्षों में श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां दर्ज की हैं। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार को राजधानी रायपुर में प्रेस वार्ता के दौरान विभाग की प्रगति रिपोर्ट पेश की।
मंत्री देवांगन ने बताया कि बीते दो वर्षों में कुल 11 लाख 40 हजार श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें 9.40 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।
श्रम मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से 29 लाख 55 हजार 254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है।
इसमें—
- निर्माण श्रमिकों को 653.75 करोड़
- असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़
- संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये
की मदद सीधे DBT प्रणाली से उनके बैंक खातों में भेजी गई।
मंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत फैक्ट्रियों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है।
पिछले दो वर्षों में—
- 2218 निरीक्षण
- 666 मामलों में कोर्ट में केस
- 5 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया
राज्य में ESI बीमित श्रमिकों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है।
रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बेड के ESI अस्पताल चल रहे हैं, जबकि बिलासपुर में नया अस्पताल जल्द शुरू होगा।
श्रम सुधारों के तहत—
- महिलाओं को रात्रि पाली में काम की अनुमति
- फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि 10 से बढ़ाकर 15 साल
- नियतकालिक कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के बराबर वेतन व सुविधाएं
दिए जा रहे हैं।
चार नई श्रम संहिताओं के तहत अब—
- नियुक्ति पत्र
- न्यूनतम वेतन
- वार्षिक स्वास्थ्य जांच
- गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड
जैसी व्यवस्थाएं लागू होंगी।
मंत्री देवांगन ने बताया कि—
- निर्माण श्रमिकों के लिए अलग स्वास्थ्य जांच योजना
- उनके बच्चों के लिए “अटल कैरियर निर्माण योजना”
- हर जिले में श्रम अन्न केंद्र
- शिकायतों के लिए AI आधारित सिस्टम
जल्द शुरू किए जाएंगे।





