प्रमोद कुमार
रायपुर, 14 जनवरी 2026

रायपुर की मेयर मीनल चौबे ने शहर की कचरा प्रबंधन सेवाओं में बाधा आने के बाद रामकी ग्रुप पर सख्त कार्रवाई की है। मेयर ने अधिकारियों को कंपनी के भुगतान से ₹18 लाख की कटौती करने और इसके अलावा ₹5 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए, क्योंकि कर्मचारियों ने 13 जनवरी को हड़ताल की थी।
रायपुर नगर निगम में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मेयर ने अतिरिक्त आयुक्त को निर्देश दिए कि सेवा में हुई चूक की भरपाई के लिए यह कटौती तुरंत लागू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी लापरवाही दोबारा हुई तो ठेका रद्द करने पर भी विचार किया जाएगा।
मेयर ने यह भी कहा कि कंपनी के भुगतान से जुड़े फाइलें तब तक पास नहीं की जाएं, जब तक मैदानी स्तर पर काम की गुणवत्ता से अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट न हों।
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्त विनोद पांडे, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी और रामकी ग्रुप के स्थानीय प्रमुख योगेश कुमार उपस्थित थे। मेयर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर की सफाई को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आगे किसी भी चूक पर कड़ी कार्रवाई होगी।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और मेयर पर निशाना साधते हुए कहा कि हड़ताल के कारण शहर की कई कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठप हो गया, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी हुई।
उन्होंने बताया कि यह चार महीनों में दूसरी हड़ताल है। इससे पहले दिवाली के समय भी वेतन विसंगतियों को लेकर प्रदर्शन हुआ था। उस समय ड्राइवरों का वेतन बढ़ाया गया, लेकिन हेल्परों को नहीं मिला, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी रही।
आकाश तिवारी ने कहा,
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक आवश्यक सेवा में ऐसी स्थिति फिर बनी। एक दिन भी कचरा नहीं उठने से शहर के सभी 70 वार्डों में हालात बिगड़ गए।”
उन्होंने पानी की आपूर्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई इलाकों में दूषित पानी आ रहा है या पानी की किल्लत है।
शहर में रोजाना 600 से 700 कर्मचारी कचरा संग्रहण में लगे रहते हैं। हालिया हड़ताल से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।





