प्रमोद कुमार
रायपुर | 15 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ खनिज संपदा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक राज्य को 10,345 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 17 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। देश के कुल खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत हो चुकी है।
यह जानकारी छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) के अध्यक्ष सौरभ सिंह और खनिज सचिव पी दयानंद ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
सचिव पी दयानंद ने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में खनिज क्षेत्र का योगदान करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य गठन के समय जहां खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने लीथियम खदान की नीलामी सफलतापूर्वक की है।
पी दयानंद ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के तहत अब तक 16,742 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जिनसे
1,07,689 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 75,901 कार्य पूरे हो चुके हैं। निगरानी के लिए DMF पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।
कोरबा में लीथियम खदान से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। इसके अलावा
सुकमा और बस्तर में लीथियम व रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज को मंजूरी मिल चुकी है।
नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम होती जा रही है।
2015 के बाद से ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत अब तक 61 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है।
- 4 ब्लॉकों में खनन शुरू
- 10 में जल्द उत्पादन
- 2025-26 में 5 नए ब्लॉकों में खनन शुरू करने का लक्ष्य
- 16 नए ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया जारी
सौरभ सिंह ने बताया कि CMDC-NMDC संयुक्त उपक्रम (NCL) द्वारा
बैलाडिला डिपॉजिट-4 और डिपॉजिट-13 में 2026 से उत्पादन शुरू होगा।
इससे –
- राज्य सरकार को 7,000 करोड़ रुपये
- CMDC को 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा
और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों से टिन की खरीदी अब
1926 रुपये प्रति किलो की दर से की जा रही है, जो पहले से लगभग 3 गुना अधिक है।
ऑनलाइन खरीदी और रियल-टाइम भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है।
इसके लिए TIN Portal (Tribal Incentive for Natural Resources) विकसित किया जा रहा है।
- महासमुंद जिले में हीरा युक्त किम्बरलाइट के संकेत
- मोहला-मानपुर में कॉपर ब्लॉक्स पर अन्वेषण
- बलरामपुर में मैंगनीज व ग्रेफाइट की खोज
CMDC की योजना है कि लौह अयस्क का उत्पादन
5 लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन प्रति वर्ष किया जाए, जिससे –
- राज्य सरकार को 250 करोड़ रुपये
- CMDC को 768 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से देश का सबसे बड़ा खनिज हब बनता जा रहा है। पारदर्शी नीलामी, डिजिटल सिस्टम और क्रिटिकल मिनरल पर फोकस से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।



