राजनांदगांव, 16 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का नेटवर्क संचालित होने का खुलासा हुआ है। लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मापुर में बने अवैध चर्च और आश्रम को इस नेटवर्क का ठिकाना बनाया गया था। पुलिस की छापेमारी में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को रेस्क्यू किया गया, वहीं हजारों डॉलर कीमत के विदेशी उपकरण और भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
200 घरों में धर्मांतरण की तैयारी, कई चर्च खोलने की साजिश
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 200 घरों में धर्मांतरण की तैयारी थी। इसके अलावा अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में चर्च खोलने की योजना बनाई गई थी। इस पूरे नेटवर्क को डेविड चाको संचालित कर रहा था, जिसे मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
नाबालिगों को आश्रम में रखा, CWC को सौंपा गया
8 जनवरी को मिली लिखित शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। छापेमारी के दौरान आश्रम से कांकेर जिले के नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को सौंपा गया, बाद में बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
सोलर प्रोजेक्टर से ब्रेनवॉश, महंगे डिजिटल उपकरण जब्त
पुलिस ने आश्रम से सोलर-आधारित प्रोजेक्टर, लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, डिजिटल प्रेजेंटेशन, रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड बरामद किए हैं। इन प्रोजेक्टरों का इस्तेमाल बिजली-विहीन वनांचल और ग्रामीण इलाकों में प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों को प्रभावित करने के लिए किया जाता था।
कई जिलों तक फैला नेटवर्क, विदेशी फंडिंग की जांच
SP अंकिता शर्मा के अनुसार, यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क है, जिसकी जड़ें छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक फैली हैं। पुलिस का फोकस अब फंडिंग सोर्स पर है—इतने महंगे उपकरण और आश्रम संचालन के लिए पैसा कहां से आया, क्या इसमें विदेशी फंडिंग शामिल है, इसकी गहन जांच जारी है।
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।





