नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश सहित देश के कई शहरों में विरोध हो रहा है। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई हो रही है। पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से अपने दावे के समर्थन में दलीलें दी जा रही हैं। इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ कर रही है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई तीखे सवाल भी पूछे हैं। सीजेआई ने पूछा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज जातियों से मुक्त नहीं कर सके है और अब क्या इस नए कानून से पीछे की ओर जा रहे हैं?

अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च को तय की है । दरअसल, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं ।
सुनवाई के दौरान क्या हुई बहस?
सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मामले पर आज सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हम यूजीसी के रेगुलेशन के सेक्शन 3 c को चैलेंज कर रहे जिसमें जातिगत भेदभाव की बात की गई है। उन्होंने कहा कि जो परिभाषा रेगुलेशन में भेदभाव की दी गई है वो पूरी तरह से सही नहीं है। संविधान के विपरीत है। संविधान के मुताबिक भेदभाव देश के सभी नागरिकों से जुड़ा है। लेकिन यूजीसी का कानून सिर्फ विशेष वर्ग के प्रति भेदभाव की बात करता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले जो भी आदेश दिया है ये उस भावना के खिलाफ है। इससे समाज में वैमनस्य बढ़ेगा। ये संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।





