प्रमोद कुमार
रायपुर | 2 फरवरी 2026

कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने के उद्देश्य से “स्थानीय नवाचार एवं उद्यमिता हेतु डेटा सशक्तिकरण” विषय पर पाँच दिवसीय बूट कैंप का आयोजन किया गया। यह बूट कैंप 27 से 31 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा किया गया, जिसे उन्नत भारत अभियान (UBA) और IIIT हैदराबाद का सहयोग प्राप्त हुआ। बूट कैंप संस्था नवाचार परिषद (IIC) के सहयोग से संपन्न हुआ।
उद्घाटन सत्र में कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने कहा कि स्थानीय और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए डेटा-आधारित नवाचार और उद्यमिता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को डेटा साक्षरता से सशक्त बनाने को राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आईक्यूएसी निदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी ने कहा कि ऐसे क्षमता निर्माण कार्यक्रम नवाचार संस्कृति और उद्यमशील सोच को मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि बूट कैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों में व्यावहारिक समस्या समाधान और नवाचार कौशल विकसित करना है।
बूट कैंप में कंप्यूटर साइंस, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय से जुड़े शिक्षाविदों और पेशेवरों ने विशेषज्ञ सत्र लिए। इनमें नलिनी सोनी, अनुपा सिन्हा, कमलेश कुमार यादव, आकांक्षा सोय, मोती रंजन टांडी, रूही खान, अयाज़ अहमद फरीदी, अंजलि कडाओ, सात्विक जैन, निष्ठा शर्मा, कंचन ठाकुर, मानव गुप्ता, अंकित कुमार पाटीदार और अनीता वर्मा शामिल रहे।
बूट कैंप के दौरान डेटा साक्षरता, डेटा संग्रह व विश्लेषण, डिजिटल भुगतान, सरकारी ई-सेवाएं, डिजिटल पहचान सत्यापन, वित्तीय समावेशन, बिजनेस मॉडल कैनवास, नवाचार ढांचे और सतत उद्यमिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की सफलता आईक्यूएसी टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हुई। कार्यक्रम समन्वयक अभिषेक कुमार गुप्ता, अंकित कुमार पाटीदार, अनीता वर्मा, नलिनी सोनी, अश्वन साहू, हेमंत कुमार, आदित्य विवेक वर्मा और पुष्पराज गेंढरे की अहम भूमिका रही।
छात्र स्वयंसेवकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रियांशु सिंह, पीयूष श्रीवास्तव, सिम्पी कुमारी, वेदांत राज, ताविस अंसारी, विशेश सतपथी, आशुतोष कुमार, गून शाह, चिलिकुरी शिवानी, ऐमन शफी, लक्की कुमार और आदित्य शेखर सक्रिय रूप से कार्यक्रम संचालन में जुटे रहे।
बूट कैंप में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों सहित कुल 80 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। समापन सत्र में कुलपति डॉ. आर. श्रीधर और उप अधिष्ठाता डॉ. अंजनैयुलु बेंडी ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। सफलतापूर्वक सत्र पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
यह बूट कैंप स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और उद्यमशील क्षमताओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।





