प्रमोद कुमार
रायपुर, 13 फ़रवरी 2026

नाबालिग से गैंगरेप मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने शुक्रवार को दुर्ग की स्थानीय अदालत में सरेंडर कर दिया। आरोपियों में से एक बी. एन. पांडेय है, जो दुर्ग के सांसद का पूर्व निजी सहायक (PA) रह चुका है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पांडेय ने उसे लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और बाद में उसे व्हाट्सएप पर निजी वीडियो भेजने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि इन वीडियो के आधार पर उसने पीड़िता को ब्लैकमेल किया और करीब आठ वर्षों तक यौन शोषण करता रहा।
दूसरा आरोपी संजय पंडित है, जिस पर होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने का आरोप है। उसने कथित तौर पर नौकरी से हटवाने की धमकी देकर पीड़िता से दुष्कर्म किया।
इस मामले में दुर्ग पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे।
उन्होंने कहा, “पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। लगातार दबाव और सक्रिय कार्रवाई के चलते दोनों आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।”
इन दोनों के सरेंडर के बाद अब इस गैंगरेप केस के सभी छह आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस आरोपियों की रिमांड लेकर गहन पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि मामले के सभी पहलुओं की जांच कर अतिरिक्त सबूत जुटाए जा सकें।





