प्रमोद कुमार
रायपुर, 24 फ़रवरी 2026

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत छत्तीसगढ़ शासन के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने महिलाओं, बेटियों और बच्चों के पोषण, सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए कई अहम प्रावधान किए हैं।
राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके साथ ही 250 महतारी सदन के निर्माण हेतु 75 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
प्रदेश की आंगनबाड़ियों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- पूरक पोषण आहार योजना के लिए 650 करोड़ रुपए
- कुपोषण मुक्ति योजनाओं के लिए 235 करोड़ रुपए
इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में 250 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 120 करोड़ रुपए
- मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत बालिकाओं को गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा देने के वादे को पूरा करते हुए ‘रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में जन्म लेने वाली बालिका (नोनी) के 18 वर्ष पूर्ण करने पर उसे 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास, पोषण सुधार और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।





