प्रमोद कुमार
रायपुर, 26 फरवरी 2026। होली से पहले निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मानवीय पहल करते हुए प्रदेश के नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया है।

इसमें वेतन भुगतान के लिए 51 करोड़ 71 लाख 21 हजार रुपये तथा नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11 करोड़ 14 लाख 38 हजार 492 रुपये शामिल हैं। फरवरी 2026 की स्थिति में लंबित वेतन देयकों के आधार पर यह राशि आबंटित की गई है, ताकि निकायों में वित्तीय संतुलन बना रहे और कर्मचारियों को समय पर भुगतान हो सके।
प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन एवं चुंगी क्षतिपूर्ति मद में कुल 25 करोड़ 5 लाख 34 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से Bhilai (4 करोड़), Bilaspur (5 करोड़), Durg (1.65 करोड़), Rajnandgaon (3 करोड़), Jagdalpur (1.50 करोड़), Ambikapur (3 करोड़), Chirmiri (2 करोड़), Risali (2 करोड़), Birgaon (54.55 लाख), Dhamtari (1.07 करोड़) और Bhilai Charoda (1.27 करोड़) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों को नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7 करोड़ 51 लाख 55 हजार 420 रुपये भी प्रदान किए गए हैं। यह राशि नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों एवं संविदा कर्मचारियों के वेतन तथा चुंगी समाप्ति से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई में उपयोग होगी।
प्रदेश की 38 नगर पालिका परिषदों को 16.48 करोड़ रुपये तथा 85 नगर पंचायतों को 10.17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वेतन भुगतान के लिए आबंटित की गई है। इसके अतिरिक्त 54 नगर पालिकाओं को 2.08 करोड़ रुपये और 124 नगर पंचायतों को 1.54 करोड़ रुपये की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि जारी की गई है।
ज्ञातव्य है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। राज्य सरकार नियमित रूप से चुंगी क्षतिपूर्ति मद से राशि प्रदान कर निकायों की प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी जिम्मेदारियों को सुचारू रखने में सहयोग कर रही है।
इस आबंटन से निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली से पहले वेतन मिल सकेगा और स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाएं निर्बाध जारी रहेंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा तथा सभी निकायों को वित्तीय नियमों के तहत व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को कर्मचारियों के वेतन भुगतान में स्थिरता मिलेगी और शहरी प्रशासन को मजबूती प्रदान होगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





