प्रमोद कुमार
रायपुर, 27 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। जारी सूची में कई अधिकारियों को वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर दीपक सोनी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, IAS डॉ. सीआर प्रसन्ना (2006 बैच) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ आयुक्त, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
IAS कुलदीप शर्मा (2014 बैच) को रजिस्ट्रार, सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के पद से हटाकर कलेक्टर, बलौदाबाजार-भाटापारा नियुक्त किया गया है।
IAS तीर्थराज अग्रवाल को उप सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए उप सचिव, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
IAS लीना कोसम को परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त पद को वरिष्ठ वेतनमान के समकक्ष घोषित किया गया है।
IAS सौमिल रंजन चौबे को उप सचिव, कृषि विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर में यथावत रखा गया है।
IAS वीरेंद्र बहादुर पंचभाई को अपर कलेक्टर, नारायणपुर के पद पर यथावत पदस्थ किया गया है।
IAS सुमित अग्रवाल को आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग के पद पर यथावत रखा गया है।
IAS संदीप कुमार अग्रवाल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, बिलासपुर के पद पर यथावत पदस्थ किया गया है।
IAS आशीष कुमार टिकारिहा को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन नियुक्त किया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से इस पद को भी वरिष्ठ वेतनमान के समकक्ष घोषित किया गया है।
IAS ऋषभ कुमार पाराशर को उप सचिव, वित्त विभाग में यथावत रखा गया है।
IAS तरुण कुमार किरण, जो वर्तमान में राज्य कर उपायुक्त, कार्यालय आयुक्त राज्य कर मुख्यालय, नवा रायपुर में पदस्थ हैं, को अस्थायी रूप से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय, कोरबा पद पर आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से यह पद भी वरिष्ठ वेतनमान के समकक्ष होगा।
वहीं बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर दीपक सोनी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त किया गया है।
राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी नीतिगत और विकासात्मक कार्यों की गति तेज करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





