प्रमोद कुमार
रायपुर, 02 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में मैनपावर टेंडर को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) ने जोन-6 में मैनपावर सप्लाई का ठेका जिस कंपनी को दिया था, उसी कंपनी ने नियमों के विरुद्ध काम दूसरी फर्म को सौंप दिया। मामले का खुलासा होते ही निगम ने कड़ा एक्शन लेते हुए 2,56,63,421 रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली, ठेका निरस्त कर दिया और एजेंसी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया।
सीएसएमसीएल के प्रबंध संचालक पी.एस. एल्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की है। साथ ही शराब दुकानों में सेवा बाधित न हो, इसके लिए नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
सीएसएमसीएल ने 31 मार्च 2024 को धमतरी, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले (जोन-6) की शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई के लिए टेंडर जारी किया था। यह कार्य रक्षक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया, जिसकी वैधता 31 मार्च 2026 तक थी।
30 अप्रैल 2024 को निगम और कंपनी के बीच एमओयू हुआ तथा कंपनी ने 2.56 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा की।
लेकिन जांच में सामने आया कि रक्षक सिक्योरिटीज ने पूरा काम दूसरी कंपनी सैटर्न ट्रांसमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया, जो निविदा शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है।
संयुक्त मिलान रिपोर्ट में भी भारी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई। नवंबर 2025 में दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित शराब दुकान में 1,52,47,774 रुपए की अनियमितता पाई गई। जांच समिति ने इसे गंभीर उल्लंघन माना।
निविदा दस्तावेज के भाग-III की शर्त क्रमांक 4 में साफ उल्लेख है कि ठेकेदार किसी भी परिस्थिति में कार्य को असाइन, सबलेट या सब-कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकता। उल्लंघन की स्थिति में अनुबंध निरस्त करने और बैंक गारंटी जब्त करने का प्रावधान है।
सैटर्न ट्रांसमूवर्स के प्रतिनिधि अशोक अग्रवाल ने निगम से शिकायत की थी। जांच में सामने आया कि 16 अप्रैल 2024 को सैटर्न ने 2.56 करोड़ रुपए रक्षक सिक्योरिटी के खाते में ट्रांसफर किए थे। ई-स्टांप और अनुबंध दस्तावेजों का सत्यापन भी सही पाया गया।
जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि निविदा शर्तों के विपरीत कार्य का हस्तांतरण किया गया और दोनों कंपनियों के बीच वित्तीय लेन-देन दर्ज है। इसके बाद निगम ने ठेका रद्द कर बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई की।
एमडी पी.एस. एल्मा ने कहा कि निविदा शर्तों का उल्लंघन गंभीर मामला है। दस्तावेजों के सत्यापन और वित्तीय लेन-देन की पुष्टि के बाद ही अनुबंध निरस्त किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद निगम के टेंडर प्रक्रिया और शराब दुकानों में मैनपावर व्यवस्था पर निगरानी और सख्त किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।





