रायपुर,02 मार्च 2026। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर वेदांता एल्युमीनियम ने अनुसंधान, सतत नवाचार और जेंडर विविधता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादकों में शामिल कंपनी ने बताया कि वह शोध-आधारित उत्पादन, डिजिटल नवाचार और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के जरिए देश के वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास को गति दे रही है।

कंपनी में धातु विज्ञान, रसायन विज्ञान, प्रक्रिया इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों की एकीकृत टीम कार्यरत है। खास बात यह है कि 800 से अधिक महिलाएं मुख्य वैज्ञानिक, तकनीकी और इंजीनियरिंग भूमिकाओं में काम कर रही हैं, जो कुल तकनीकी कार्यबल का लगभग 20% हिस्सा हैं। ये महिलाएं स्मेल्टर संचालन, पावर प्लांट प्रबंधन, लोकोमोटिव ऑपरेशन, अग्निशमन दल, सुरक्षा इकाइयों और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं।
कंपनी ने एक विशेष शोधन प्रक्रिया विकसित की है, जिससे बॉक्साइट अपशिष्ट (रेड मड) में 30% तक कमी लाई जा रही है। इस तकनीक से एलुमिना की वसूली दर बढ़ी है और टिकाऊ शोधन प्रक्रिया को मजबूती मिली है। संसाधन-सक्षम शोधन, ऊर्जा अनुकूलन, टिकाऊ खनन तकनीक और औद्योगिक एआई जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी अग्रणी प्रगति कर रही है।
रेड मड के पर्यावरणीय उपयोग को लेकर कंपनी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान के साथ एक शोध कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य रेड मड को पौष्टिक भूमि में परिवर्तित कर भूमि बहाली और पारिस्थितिकी पुनरुद्धार में उपयोग करना है।
वेदांता एल्युमीनियम की डिजिटल परिवर्तन पहल में एआई-सक्षम प्रक्रिया अनुकूलन, पूर्वानुमानित रखरखाव, दूरस्थ संचालन और मशीन लर्निंग आधारित निगरानी शामिल हैं। कंपनी की अनुसंधान एवं विकास प्रणाली ग्राहकों, शैक्षणिक संस्थानों और शोध भागीदारों के साथ मिलकर अनुकूलित उत्पाद एवं प्रक्रिया समाधान विकसित कर रही है।
इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम “विज्ञान में महिलाएं: कटैलाइजिंग विकसित भारत” है। इसी दिशा में कंपनी ने वर्ष 2030 तक 20% जेंडर विविधता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी निर्णायक भूमिका निभाएंगे और कंपनी नवाचार व सतत विकास के जरिए औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत बना रही है।
ज्ञान-आधारित औद्योगिक भविष्य की ओर बढ़ते भारत में वेदांता एल्युमीनियम अनुसंधान, तकनीकी विकास और समावेशी प्रतिभा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।





