प्रमोद कुमार
रायपुर/नई दिल्ली, 10 मार्च 2026

संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने चुनाव आयोग पर वोट की दलाली के आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने ‘देश को बचाना है, मोदी को हटाना है’, ‘मोदी सरकार शेम-शेम’, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। इसके बाद विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर 50 से अधिक सांसदों ने पक्ष में वोट किया और पीठासीन ने इसे चर्चा के लिए मंजूरी दे दी।
विपक्ष के भारी हंगामे के चलते कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि संविधान और सदन की मर्यादा को बचाने के लिए मजबूरी में लाना पड़ा। उन्होंने पीठासीन जगदंबिका पाल पर सवाल उठाए कि स्पीकर की गैर-मौजूदगी में कैसे तय हुआ कि वे चेयर पर बैठेंगे।
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने ओम बिरला का बचाव करते हुए कहा कि अध्यक्ष को कार्यवाही की अध्यक्षता करने का पूरा अधिकार है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी कहा कि स्पीकर के खिलाफ मोशन पर चर्चा के लिए वे तैयार हैं और यह आर्टिकल 94 के तहत होगी।
सदन में बहस 10 घंटे तक चलने वाली है। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर के पैनल के सदस्य सदन की अध्यक्षता कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसमें पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही। कांग्रेस ने डिप्टी स्पीकर न नियुक्त करने पर भी सवाल उठाए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव की स्थिति में भी स्पीकर का दफ्तर एक्टिव रहता है।
विपक्ष का आरोप है कि सदन की मर्यादा और संविधान का उल्लंघन हो रहा है। वहीं सरकार पक्ष का कहना है कि नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी हो रही है।





