प्रमोद कुमार
रायपुर, 11 मार्च 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा ‘सड़क सुरक्षा प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन और जन-जागरूकता के समन्वय से सड़क हादसों में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। ब्लैक स्पॉट की वैज्ञानिक तरीके से पहचान कर वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सड़क सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी रणनीति है।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों के परियोजना निदेशक डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।





