प्रमोद कुमार
रायपुर, 12 मार्च 2026। सामाजिक सरोकार निभाते हुए एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल ने शहर के चार सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी शिक्षा में सकारात्मक सुधार हो सके।

अस्पताल की ओर से रायपुर के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल फुंदहर, गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल देवपुरी, स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल लालपुर और गवर्नमेंट न्यू प्राइमरी स्कूल टिकरापारा को सहयोग दिया जा रहा है। इन चारों स्कूलों में करीब 2500 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिन्हें इस पहल का सीधा लाभ मिलेगा।
इस सहयोग के तहत स्कूलों में महिला शौचालयों की स्थापना, दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग, वाटर कूलर की व्यवस्था और जर्जर फेसाड को हटाकर नया निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।
एमएमआई रायपुर, जो एनएच ग्रुप की इकाई है, ने यह पहल नारायणा हेल्थ की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों के तहत शुरू की है। संगठन की सीएसआर पहलें मुख्य रूप से सामुदायिक विकास और सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर केंद्रित हैं, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरक वातावरण मिल सके।
एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर अजीत बेल्लमकोंडा ने कहा कि मजबूत समाज की नींव अच्छे स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर टिकी होती है। रायपुर के स्कूलों को समर्थन देकर अस्पताल ऐसे शिक्षण वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहता है, जहां छात्र प्रेरित होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।
वहीं, डॉक्टर राजेन्द्र परगनिया ने कहा कि सहयोगी और संसाधनयुक्त शिक्षण वातावरण छात्रों को शिक्षा से बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह डॉक्टर सुनील धर्मानी ने कहा कि संस्थाओं के बीच सहयोग से स्कूलों में सीखने का माहौल और मजबूत होता है तथा शिक्षकों के प्रयासों को भी बल मिलता है।
कार्यक्रम में एचआर हेड पूजा जायसवाल, क्लस्टर हेड रवि कुमार भागत, स्कूल प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
गौरतलब है कि नारायणा हेल्थ, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी ने की थी और जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है, देश के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में शामिल है। संस्था स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी लगातार पहल करती रही है।





