प्रमोद कुमार
रायपुर, 18 मार्च 2026।
प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम अब पोषण, शिक्षा और जनभागीदारी का सशक्त अभियान बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार शुरू की गई इस पहल में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों को न केवल पौष्टिक आहार मिल रहा है बल्कि सामाजिक जुड़ाव भी मजबूत हो रहा है।

जनवरी से फरवरी 2026 के बीच प्रदेश में कुल 9,763 न्योता भोज आयोजित किए गए, जिनसे 1,83,927 से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए। यह आंकड़ा इस अभियान की व्यापक सफलता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
जिलेवार आंकड़ों में बिलासपुर सबसे आगे रहा, जहां 884 आयोजनों में 18,703 बच्चों को लाभ मिला। कोरबा में 720 आयोजनों के जरिए 13,944 बच्चों, रायगढ़ में 690 आयोजनों से 9,835 बच्चों और कांकेर में 636 आयोजनों के माध्यम से 7,915 बच्चों को पौष्टिक भोजन मिला। इसी तरह धमतरी में 606 आयोजनों में 11,228 बच्चों, महासमुंद में 415 आयोजनों से 7,302 बच्चों और जांजगीर-चांपा में 439 आयोजनों के जरिए 10,518 बच्चों को लाभ पहुंचाया गया।
इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, दानदाता और अभिभावक अपने निजी अवसर—जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य खुशियों—को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ साझा कर रहे हैं। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण मिल रहा है और समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले अधिकांश बच्चे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से होते हैं। ऐसे में ‘न्योता भोज’ जैसी पहल उनके शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभा रही है।
यह अभियान कुपोषण को कम करने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रति बच्चों और अभिभावकों का आकर्षण भी बढ़ा रहा है। शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने पारिवारिक और सामाजिक अवसरों को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ साझा कर इस जनहितकारी अभियान को और मजबूत बनाएं।





