नई दिल्ली, 24 मार्च 2026/ Narendra Modi ने मंगलवार को राज्यसभा में Iran-Israel और United States के बीच जारी युद्ध संकट पर 21 मिनट का संबोधन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि यह संघर्ष लंबा चला तो इसके गंभीर वैश्विक और भारत पर भी असर पड़ेंगे। उन्होंने साफ कहा कि “आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है” और इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को “टीम इंडिया” की तरह काम करना होगा।

पीएम मोदी ने बताया कि Strait of Hormuz में तनाव के कारण भारत के व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि:
- कमर्शियल जहाजों पर हमले और समुद्री रास्तों में बाधा “अस्वीकार्य” हैं
- भारत ने ईरान से स्ट्रेट खोलने को लेकर बातचीत की है
- तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी सप्लाई प्रभावित हो रही है
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार संपर्क में है और अब तक:
- 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षित वापसी
- ईरान से 1,000 से अधिक भारतीय लौटे
- इनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल
हालांकि कुछ हमलों में भारतीयों की मौत और घायल होने की भी पुष्टि हुई, जिनके लिए सरकार सहायता और इलाज सुनिश्चित कर रही है।
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है:
- अब भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है
- पहले यह संख्या 27 थी
- कच्चे तेल का भंडार और रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाई गई है
- LPG के साथ PNG और घरेलू गैस उत्पादन पर जोर
सरकार ने संकट से निपटने के लिए:
- इंटर-मिनिस्ट्रियल और 7 एम्पावर्ड ग्रुप बनाए
- खाद की सप्लाई सुनिश्चित करने की तैयारी
- बुआई सीजन में किसानों को राहत देने की योजना
पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से कहा:
- कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करें
- गरीबों को PM Garib Kalyan Anna Yojana का लाभ लगातार मिले
- संकट के समय संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभाएं
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि यह केवल वैश्विक संकट नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी परीक्षा है—जिसमें सभी राज्यों का सहयोग बेहद जरूरी होगा।



