सतीश शर्मा
रायपुर, 24 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश प्रवास के दूसरे दिन इंदौर स्थित आईसीएआर-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने सोयाबीन अनुसंधान में हो रहे नवीनतम कार्यों और किसानों व उद्यमियों के लिए विकसित तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. कुंवर हरेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान उच्च उपज वाली सोयाबीन किस्मों के विकास के साथ-साथ मूल्य संवर्धन पर भी काम कर रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थान का अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर नए उद्यमियों को सोया दूध और अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
भ्रमण के दौरान पत्रकारों को ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से कृषि-आधारित व्यवसायों को बढ़ावा दिया जा रहा है और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
वर्ष 1987 में स्थापित यह संस्थान सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार अनुसंधान कर रहा है। हाल ही में एनआरसी 136, एनआरसी 131 और एनआरसी 157 जैसी उच्च उपज एवं सूखा-सहनशील किस्में विकसित की गई हैं।
मीडिया दल ने संस्थान की उपलब्धियों और देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने में उसके योगदान की सराहना की। यह प्रतिनिधिमंडल छह दिवसीय दौरे पर विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और नवाचारों का अध्ययन कर रहा है।




