सतीश शर्मा
रायपुर/जगदलपुर, 28 मार्च 2026/ पांच दशकों से बस्तर के विकास और आदिवासी समाज को प्रभावित करने वाला नक्सलवाद अब लगभग समाप्ति की ओर है। छत्तीसगढ़ सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बस्तर संभाग के पांच जिलों में नक्सली गतिविधियाँ अब नगण्य हैं – दंतेवाड़ा में 1, नारायणपुर में 2, सुकमा में 5, बीजापुर में 11 और कांकेर में 19 नक्सली ही सक्रिय हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने 2024 में स्पष्ट कहा था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को देश से पूरी तरह खत्म किया जाएगा। दो वर्षों में 3000 नक्सली मुख्यधारा में लौटे, 2000 गिरफ्तार हुए, और 500 से अधिक नक्सली ढेर किए गए, जिनमें महासचिव भी शामिल था।
हालांकि, जंगलों में बिछी बारूद अभी चुनौती बनी हुई है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के हर गांव को IED फ्री बनाया जाएगा। अब बस्तर के जंगल फिर से शांति और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाने जाएंगे।
लोकसभा में नक्सलवाद उन्मूलन पर 30 मार्च को विशेष चर्चा होगी। चर्चा की शुरुआत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे।



