• पुलिस जुटी मामले की जांच में
• ढाई महीने पहले ही हुई थी शादी

सरगुजा, 07 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 18 साल की नवविवाहिता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने पहले पति को घर बुलाया, तबीयत खराब होने की बात कही, उसे गले लगाया और अचानक खुद को कमरे में बंद कर लिया। दरवाजा नहीं खोलने पर परिजन छप्पर तोड़कर अंदर गए। नवविवाहिता साड़ी के फंदे से लटकी हुई मिली। जानकारी के मुताबिक पति की उम्र महज 19 साल है। दोनों की शादी ढाई महीने पहले ही हुई थी। पति ने बताया कि पत्नी छोटी-छोटी बात पर नाराज हो जाती थी। फिलहाल, मायके पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के केपी गांव की है।
ढाई महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, मुकेश गिरी (19) की शादी करीब ढाई महीने पहले उदयपुर ब्लॉक के ग्राम पूटा की पूजा गिरी (18) से हुई थी। सामाजिक रीति-रिवाज के साथ दोनों शादी के बंधन में बंधे थे।
रविवार शाम को पूजा ने पति को फोन कर घर बुलाया और तबीयत खराब होने की बात कही। घर पहुंचने पर उसने सामान्य व्यवहार किया, लेकिन अचानक कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया।
छप्पर तोड़कर निकाला, तब तक हो चुकी थी मौत
जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजन घबरा गए। उन्होंने छप्पर पर चढ़कर तोड़ा और अंदर पहुंचे, जहां पूजा साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी पूजा
पुलिस की पूछताछ में पति मुकेश गिरी ने बताया कि, वह शाम को डांस सीखने के लिए गया था। उसे पूजा ने तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी दी और दवा लेकर आने के लिए कहा। जब घर पहुंचा तो पूजा उल्टी कर रही थी। पूजा छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी।
पुलिस जांच जारी, मायके पक्ष ने नहीं की शिकायत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल, मायके पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्यों बढ़ रहे ऐसे मामले
1. कम उम्र में शादी (Early Marriage)
18–19 साल की उम्र में शादी होने पर मानसिक परिपक्वता पूरी नहीं होती। नई जिम्मेदारियाँ, रिश्तों का दबाव और उम्मीदें संभालना मुश्किल हो जाता है।
2. मानसिक तनाव और भावनात्मक कमजोरी
छोटी-छोटी बातों पर नाराज़ होना, बार-बार दुखी होना — ये संकेत हो सकते हैं कि व्यक्ति अंदर से तनाव या डिप्रेशन में है, लेकिन समय पर मदद नहीं मिलती।
3. वैवाहिक जीवन का दबाव
शादी के बाद नए घर, नए रिश्ते, जिम्मेदारियाँ — ये सब अचानक बदल जाते हैं। अगर सपोर्ट सिस्टम अच्छा न हो, तो अकेलापन और घुटन बढ़ सकती है।
4. संवाद की कमी
पति-पत्नी के बीच खुलकर बात न होना, समस्याओं को दबाना — ये हालात को और बिगाड़ देता है।
5. परिवार और समाज का दबाव
“सब ठीक है” दिखाने का दबाव, मायके या ससुराल में अपनी बात न रख पाना — ये भी मानसिक बोझ बढ़ाता है।
6. मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना
ग्रामीण और छोटे इलाकों में अभी भी डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
उपाय
• शादी की उम्र बढ़ाना और जागरूकता
• पति-पत्नी के बीच खुला संवाद
• परिवार का भावनात्मक सपोर्ट
• जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग/मदद लेना



