सतीश शर्मा
रायपुर, 18 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGMSC घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा और कमलकांत पाटनवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इससे पहले दोनों आरोपियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की एफआईआर के तहत दोनों आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए कथित 660 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है। ऑडिट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट में इस बड़े वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ था, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया।
लेखा विभाग की जांच में सामने आया था कि वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान बिना बजट आवंटन के भारी मात्रा में खरीदारी की गई। कई जगहों पर जरूरत से अधिक उपकरण और रिएजेंट खरीदे गए, जिन्हें बिना आवश्यकता वाले स्वास्थ्य केंद्रों में भी सप्लाई किया गया।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सप्लाई की गई सामग्री में से कई केंद्रों के पास न तो तकनीकी सुविधा थी और न ही भंडारण की व्यवस्था। इसके बावजूद वहां उपकरण भेजे गए।
ईओडब्ल्यू की एफआईआर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी धन के दुरुपयोग में अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य को अरबों रुपये का नुकसान हुआ।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है, जबकि जांच प्रक्रिया अभी जारी है।



