सतीश शर्मा
रायपुर, 18 अप्रैल 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा 16 अप्रैल 2026 को “शिक्षा अनुसंधान और अकादमिक लेखन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: अवसर, नैतिकता और नवाचार” विषय पर एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर AI के बढ़ते प्रभाव और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा संकाय की डीन प्रो. डॉ. श्रद्धा वर्मा के उद्घाटन भाषण और सारांश प्रस्तुति से हुई। उन्होंने ई-कार्यवाही का भी शुभारंभ किया, जिसमें Banaras Hindu University और National Institute of Educational Planning and Administration सहित दक्षिण अफ्रीका और फिजी के प्रतिभागियों के शोध कार्य शामिल रहे।
संगोष्ठी का शैक्षणिक आधार कुलपति डॉ. आर. श्रीधर के उद्घाटन वक्तव्य से मजबूत हुआ। इसके बाद डॉ. संजय कुमार, डॉ. कामेश्वरन एनवर्नाथन गोवेंडर (त्श्वाने प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दक्षिण अफ्रीका), प्रो. संबित कुमार पाढ़ी (Guru Ghasidas Vishwavidyalaya) और प्रो. डॉ. दीपा दास (एससीईआरटी, रायपुर) के नेतृत्व में तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें AI के उपयोग, नैतिक चुनौतियों और नवाचारों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप गांधी के समापन संबोधन और समन्वयक डॉ. सरोज नय्यर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर आयोजन समिति और तकनीकी टीम के योगदान की सराहना की गई, जिनके सहयोग से वर्चुअल सत्रों का सफल संचालन संभव हो सका।
आयोजन समिति में डॉ. डी. कालिदास, डॉ. हर्षा शर्मा और डॉ. संजीव यादव शामिल रहे, जबकि तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी श्री प्रीतम पटेल और श्री दुष्यंत साहू ने संभाली।



