बिलासपुर, 27 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ के मल्हार क्षेत्र में एक बड़ी ऐतिहासिक खोज सामने आई है। यहां ज्ञान भारतम अभियान के तहत एक दुर्लभ ताम्रपत्र मिला है, जिसका वजन 3 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है। इस ताम्रपत्र पर लगभग 2000 साल पुरानी ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन काल में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश और धार्मिक घोषणाओं के दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस खोज से उस समय की सामाजिक व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचे और धार्मिक परंपराओं पर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि यह खोज संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम् अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है। इस अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी ऐसी दुर्लभ धरोहरों को सामने लाया जा रहा है।
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए यह ताम्रपत्र बेहद अहम माना जा रहा है। इसके वैज्ञानिक परीक्षण और अध्ययन के बाद भारत के प्राचीन इतिहास से जुड़े कई अनछुए पहलुओं का खुलासा हो सकता है।



