सतीश शर्मा
रायपुर, 28 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ शासन ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक मजबूत और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा ढांचा विकसित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में राज्य में वृद्धजनों के लिए कई प्रभावी योजनाएँ जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रही हैं।

राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अलग सीनियर सिटीजन कार्ड की आवश्यकता नहीं है। आधार और अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता तय कर सीधे लाभ दिया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी और सरल बनी है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 675 निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिक रह रहे हैं। यहां उन्हें निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
राज्य में 13 पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) संचालित हैं, जहाँ गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों की विशेष देखभाल की जा रही है। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बालोद, रायगढ़ और बेमेतरा सहित जिलों में 140 वरिष्ठ नागरिक इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित सहायता दी जा रही है। बीपीएल एवं एसईसीसी श्रेणी के वृद्धजनों को ₹500 प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को ₹680 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, चश्मा और ट्राइसाइकिल जैसे सहायक उपकरण ₹6900 तक की सहायता सीमा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके साथ ही 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को आध्यात्मिक और मानसिक सुकून का अवसर मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 14 यात्राओं के माध्यम से 10,694 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, आश्रय, सहायक उपकरण और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ में वृद्धजनों के लिए एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है।



