जगदलपुर, 29 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के रेटावंड गांव में धर्मांतरण के आरोप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने ओडिशा के एक पास्टर की लात-घूंसों और चप्पलों से पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, पास्टर नवरंगपुर (ओडिशा) का रहने वाला है और पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार के साथ गांव में रह रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि वह गांव में लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था।
बस्तर जिले के रेटावंड गांव में ओडिशा के एक पास्टर की पिटाई के मामले में अब धर्मांतरण का एंगल भी सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पास्टर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा के नाम पर गांव में कई महीनों से रह रहा था।
ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान वह धीरे-धीरे लोगों को अपने प्रभाव में लेकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहा था। इसी बात को लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार बैठक के बाद विवाद हिंसक हो गया।
गांव में बैठक के बाद बढ़ा विवाद
दो दिन पहले रविवार को गांव में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और धर्मांतरित परिवार शामिल हुए। बैठक में पास्टर को गांव छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हिंसा में बदल गया।
शर्ट फाड़ी, चप्पलों से पीटा
विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पास्टर की शर्ट फाड़ दी और उसके साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने उसे लात-घूंसों और चप्पलों से पीटा।
पुलिस पहुंची, मामला कराया शांत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पास्टर ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। पास्टर ने भी आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही गांव छोड़ देगा।
क्षेत्र में पहले भी हो चुका है विवाद
इस घटना से पहले कांकेर जिले में भी शव दफनाने को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदाय के बीच हिंसक झड़प हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में सामाजिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।



