सतीश शर्मा
रायपुर, 02 मई 2026

भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा फर्जीवाड़े के मामले में अब जांच तेज कर दी गई है। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने पूरे मामले की बारीकी से जांच के लिए अधिकारियों की दो नई टीमें गठित की हैं। इस बार जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी खसरा नंबरों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, चाहे उन पर शिकायत दर्ज हो या नहीं।
जारी आदेश के मुताबिक, रायपुर जिले के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में की जाएगी, जबकि धमतरी जिले में अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम जांच करेगी। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यह पूरी जांच एक महीने के भीतर पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाए।
जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में इस घोटाले में कई बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आई थी। अब तक डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी बात कही गई है।
इससे पहले बनी जांच टीमों ने केवल उन्हीं मामलों की जांच की थी, जिनकी शिकायतें मिली थीं। लेकिन अब हर खसरा नंबर की जांच कर मुआवजे की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी, जिससे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है।



