सतीश शर्मा
रायपुर, 15 मई 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े कथित मैनपावर सप्लाई घोटाले का है। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध “सुनियोजित साजिश” होते हैं, जो समाज और देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

यह मामला CSMCL कर्मचारियों को दिए गए ओवरटाइम भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दौरान ₹28.80 लाख नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों में मामला दर्ज किया।
अभियोजन के अनुसार, अनवर ढेबर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर निगम के कामकाज और वित्तीय फैसलों में दखल दिया। जांच में आरोप है कि निजी मैनपावर सप्लाई एजेंसियों के बिल तय कमीशन मिलने के बाद ही पास किए जाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुरुआत में तय दर पर लिया जाने वाला कमीशन बाद में ढेबर के निर्देश पर बढ़ाकर बिल राशि का एक-तिहाई या उससे अधिक कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि चुनाव के नाम पर अवैध वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए थे।
निगम के कुछ पूर्व अधिकारियों और निजी व्यक्तियों पर बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप है। उन पर एजेंसियों से पैसा लेकर ढेबर तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। 29 नवंबर 2023 को ED ने कथित तौर पर Eagle Hunter Solutions के कर्मचारियों को ₹28.80 लाख की रिश्वत देते हुए पकड़ा था। इसके आधार पर जुटाए गए सबूतों के बाद 23 फरवरी 2026 को ढेबर को गिरफ्तार किया गया।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में ढेबर ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए खुद को झूठा फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ही मामले में बार-बार FIR दर्ज कर उनकी हिरासत को “एवरग्रीनिंग” किया जा रहा है, ताकि उन्हें जेल से रिहाई न मिल सके। वहीं, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया।
जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर राहत नहीं दी जा सकती कि आरोपी से कोई सीधी बरामदगी नहीं हुई या वह प्रभावशाली व्यक्ति है। अदालत ने कहा कि सरकारी धन की हेराफेरी और राजकोष को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में न्यायपालिका को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे आर्थिक अपराध देश की वित्तीय व्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ शासन व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी प्रभावित करते हैं।
अदालत ने ढेबर को कथित घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य लाभार्थी बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सामग्री मिली है।



