रायपुर, 16 मई 2026

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के एक मामले में विशेष अदालत ने सहायक ग्रेड-2 लिपिक गौतम सिंह आयाम को 3 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज किया गया था।
यह मामला 3 अगस्त 2024 को सामने आया था, जब वाड्रफनगर ब्लॉक के धधिया स्थित प्री-मिडिल स्कूल में पदस्थ भृत्य नितेश रंजन पटेल ने अंबिकापुर स्थित ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि उनका 92 हजार रुपए का वेतन एरियर वर्ष 2013 से लंबित था। जब उन्होंने फाइल प्रक्रिया के लिए वाड्रफनगर स्थित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में पदस्थ लिपिक गौतम सिंह आयाम से संपर्क किया, तब आरोपी ने कथित तौर पर 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
आरोप था कि सेवा पुस्तिका का सत्यापन, कोषालय, लेखा एवं पेंशन कार्यालय से प्रक्रिया पूरी करने, बिल तैयार करने और भुगतान स्वीकृति के लिए फाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी।
ACB की जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान आरोपी ने सौदेबाजी करते हुए रकम घटाकर 12 हजार रुपए कर दी और कहा कि वह इस तरह के काम के लिए सभी से “फिक्स रेट” लेता है।
इसके बाद ACB ने 13 अगस्त 2024 को वाड्रफनगर स्थित BEO कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने आरोपी गौतम सिंह आयाम को शिकायतकर्ता से 12 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसी ने 8 अक्टूबर 2024 को बलरामपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामलों की विशेष अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने 15 मई 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए 3 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।



