नई दिल्ली/रोम, 23 मई 2026

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने भारत-इटली संबंधों को 21वीं सदी की नई वैश्विक साझेदारी बताते हुए “इंडो-मैडिटेरेनियन” क्षेत्र के निर्माण की दिशा में संयुक्त विजन पेश किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब पारंपरिक कूटनीतिक दायरे से आगे बढ़कर रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक साझेदारी में बदल चुके हैं।
संयुक्त लेख में दोनों नेताओं ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानव-केंद्रित विकास के साझा मूल्यों के आधार पर दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, तकनीकी क्षमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को इटली की डिजाइन, विनिर्माण और औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ जोड़कर नई संभावनाएं तैयार की जा रही हैं।
भारत और इटली ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, मशीनरी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, वस्त्र, कृषि-खाद्य और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
दोनों देशों ने कहा कि “मेड इन इटली” और “मेक इन इंडिया” पहल एक-दूसरे की पूरक हैं। भारत में विनिर्माण के लिए इतालवी कंपनियों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय उद्योगों की मजबूत उपस्थिति सप्लाई चेन को नई मजबूती देगी।
लेख में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को भविष्य की साझेदारी का प्रमुख आधार बताया गया है। दोनों नेताओं ने कहा कि AI का विकास मानव-केंद्रित और जिम्मेदार होना चाहिए।
भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल और इटली की “एल्गोर-एथिक्स” अवधारणा को मिलाकर ऐसा डिजिटल ढांचा विकसित करने पर जोर दिया गया है, जिसमें तकनीक मानव गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करे। दोनों देशों ने AI के दुरुपयोग, जनमत प्रभावित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप को लेकर भी चिंता जताई।
भारत और इटली ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने पर काम करेंगे।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की सैटेलाइट तकनीक और इटली की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्षमता को मिलाकर संयुक्त परियोजनाएं विकसित करने की बात कही गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने भारत की अगुवाई वाली पहलें— International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure और Global Biofuels Alliance —को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
दोनों नेताओं ने India-Middle East-Europe Economic Corridor को भविष्य की वैश्विक कनेक्टिविटी का बड़ा माध्यम बताया। उनका कहना है कि यह परियोजना भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को आधुनिक परिवहन, डिजिटल नेटवर्क, ऊर्जा गलियारों और मजबूत सप्लाई चेन के जरिए जोड़ेगी।
लेख में कहा गया कि हिंद महासागर और भूमध्यसागर को जोड़ने वाला नया “इंडो-मैडिटेरेनियन” क्षेत्र वैश्विक व्यापार, तकनीक और ऊर्जा का नया केंद्र बन सकता है।
दोनों नेताओं ने भारतीय दर्शन “वसुधैव कुटुंबकम्” और इटली की मानवतावादी परंपरा को साझा वैश्विक दृष्टिकोण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत-इटली साझेदारी का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित और भविष्य उन्मुख विश्व व्यवस्था तैयार करना भी है।



