सतीश शर्मा
रायपुर, 29 मई 2026। रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र के गुरदा गांव में 16 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, 24 मई की रात शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में किशोर की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंद्रशेखर उर्फ चंदा डंसेना (22) निवासी बरभौना गांव, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30) निवासी बेहरामुड़ा गांव और एक 16 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बरगद के पेड़ के नीचे मिला था शव
25 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि गुरदा गांव के डोंगरमुड़ा खार खेत में बरगद के पेड़ के नीचे एक युवक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
मृतक की पहचान छाल थाना क्षेत्र के बरभौना गांव निवासी किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई की सुबह किशोर गांव के ही ऋषि डंसेना के साथ बाइक पर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन परिजनों को उसका शव मिला, जिस पर सीने और आंखों के पास गंभीर चोट के निशान थे।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को हत्या बताया गया। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
‘चखना’ के लिए आम तोड़ने को लेकर हुआ विवाद
पूछताछ में ऋषि डंसेना ने पुलिस को बताया कि वह किशोर को आरोपियों के साथ छोड़कर काम पर चला गया था। बाद में जब उसने चंद्रशेखर को फोन किया तो उसे फोन पर मारपीट और झगड़े की आवाजें सुनाई दीं। उसने उन्हें लड़ाई बंद करने को कहा था।
पुलिस ने संदेह के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि सभी लोग साथ बैठकर शराब पी रहे थे, तभी ‘चखना’ के लिए आम तोड़ने की बात को लेकर चंद्रशेखर और किशोर के बीच विवाद शुरू हो गया।
विवाद इतना बढ़ गया कि तीनों ने मिलकर किशोर की बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर गया, जिससे उसे घातक चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
हादसा दिखाने के लिए शव को पेड़ के नीचे रखा
हत्या छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे रख दिया, ताकि मामला हादसा लगे। बाद में उन्होंने ऋषि डंसेना से झूठ कहा कि किशोर खाना खाने के बाद घर चला गया है।
पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया और उनके निशानदेही पर कपड़े भी जब्त किए। मामले में पुलिस ने सबूत मिटाने और साझा आपराधिक मंशा से जुड़ी BNS की धारा 238 और 3(5) भी जोड़ी है।
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अधिकारियों को हिंसक अपराधों पर सख्त कार्रवाई और साक्ष्यों के त्वरित परीक्षण के निर्देश दिए हैं।



