सतीश शर्मा
रायपुर, 03 जून 2026
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीजापुर जिले की गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बच्ची के उपचार के लिए जुटाई गई सहायता राशि के मामले में संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों और आयोग को प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले के नेलसनार क्षेत्र के बेंगोफर पारा, कौरगांव निवासी बच्ची के इलाज के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ब्रजराज रजक और दीपक ध्रुवे द्वारा लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाया गया था। आवेदन में एकत्रित राशि और उसके भुगतान संबंधी विवरणों पर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दीपक ध्रुवे ने जांच शुरू होने से पहले बच्ची के परिवार को 39 हजार रुपये दिए थे। वहीं जांच के दौरान 22,400 रुपये अतिरिक्त राशि बच्ची की मां और उसके भाई की मौजूदगी में पुलिस के समक्ष सौंपी गई। इसके अलावा 5 हजार रुपये बच्ची के चाचा के खाते में जमा कराए गए थे, जिन्हें बाद में परिवार को दे दिया गया।
जांच में यह भी पता चला कि ब्रजराज रजक ने बच्ची के इलाज के लिए वीडियो जारी कर अपना क्यूआर कोड साझा किया था। पूछताछ के दौरान उनके पास मौजूद 18 हजार रुपये की शेष राशि भी बच्ची के परिवार को सौंप दी गई। इस तरह अब तक बच्ची के उपचार के लिए कुल 84,400 रुपये उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन, दान राशि, बैंक खातों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



