रायगढ़, 16 जून 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इंसान और वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार गांव में कोयला परिवहन रेल लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक जंगली मादा हाथी की मौत हो गई। हादसे के बाद साथी हाथियों का झुंड लंबे समय तक घायल हथिनी के पास डटा रहा, जिससे रेस्क्यू और वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक, करीब 45 वर्षीय मादा हथिनी रेल ट्रैक पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार मालगाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हथिनी के पैर में गंभीर चोट आई और वह दर्द से तड़पने लगी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही हथिनी ने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद हथिनी की आवाज सुनकर उसका पूरा दल मौके पर पहुंच गया। साथी हाथियों ने घायल हथिनी को चारों ओर से घेर लिया और लंबे समय तक वहीं डटे रहे। हाथियों की मौजूदगी के कारण वन विभाग और रेस्क्यू टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथियों के दल के सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौटने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत हथिनी के शव को दफनाया जाएगा। घटना ने एक बार फिर रेल लाइनों से वन्यजीवों को होने वाले खतरे और सुरक्षा उपायों की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




