रायपुर, 19 जून 2026
मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार देर रात आयोजित हुई सरकार और संगठन की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर लगाई जा रही तमाम राजनीतिक अटकलों पर मुख्यमंत्री ने स्वयं विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान की समीक्षा करना और मंत्रियों से फीडबैक लेना था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में “12 साल विकास के, 12 साल विश्वास के, 12 साल बेमिसाल” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों, जनसंपर्क गतिविधियों और जनता तक सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने के प्रयासों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई थी।
दरअसल, गुरुवार रात मुख्यमंत्री निवास में हुई इस बैठक में राज्य सरकार के सभी मंत्री, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा भाजपा के प्रमुख नेता शामिल हुए थे। बैठक में संगठन महामंत्री और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री की मौजूदगी के चलते राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। देर रात तक चली बैठक को लेकर सरकार और संगठन में बड़े बदलावों से लेकर आगामी राजनीतिक रणनीति तक के कयास लगाए जा रहे थे।
हालांकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान के बाद अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सभी मंत्रियों से अभियान के तहत किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी ली गई और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की उपलब्धियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी प्रगति की समीक्षा भी बैठक का हिस्सा थी।
मुख्यमंत्री के इस स्पष्टीकरण के बाद बैठक को लेकर लगाए जा रहे तमाम राजनीतिक कयासों पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और संगठन की संयुक्त बैठकों का महत्व हमेशा व्यापक होता है और ऐसे आयोजनों के दूरगामी राजनीतिक संकेत भी समय के साथ सामने आते हैं। फिलहाल सरकार का कहना है कि बैठक पूरी तरह प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों से जुड़े अभियान की समीक्षा और समन्वय पर केंद्रित थी।




