सतीश शर्मा
रायपुर, 1 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार को अनिवार्य किए जाने के आदेश पर जारी विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकार फिलहाल अपने फैसले पर कायम है और सरकारी स्कूलों में निर्बाध रूप से मंत्रोच्चार जारी रहेगा।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने के उद्देश्य से लिया है। उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ कांग्रेस सहित कुछ आदिवासी संगठनों और ईसाई संस्थाओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन जब तक अदालत का कोई अलग आदेश नहीं आता, तब तक सरकार का निर्णय लागू रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के अंतिम फैसले का सम्मान करेगी और उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड शिक्षकों को भी बड़ी राहत
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान बीच सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भी राहत दी गई है। अब ऐसे शिक्षक, यदि इच्छुक हों, तो पूरे शैक्षणिक सत्र के अंत तक स्कूलों में अध्यापन कार्य जारी रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और शैक्षणिक व्यवस्था में निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि, यदि कोई शिक्षक सत्र पूरा होने से पहले कार्यमुक्त होना चाहता है, तो उसे इसकी स्वतंत्रता रहेगी। अधिकांश शिक्षकों ने इस व्यवस्था पर सहमति जताई है।




