29 Sep 2026, Tue
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WhatsApp-Telegram को केंद्र की चेतावनी: यूजरनेम और एडिट फीचर बने ठगी का जरिया तो पड़ेगा भारी, सरकार बोली—सीधी कार्रवाई होगी

नई दिल्ली, 01 जुलाई 2026। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम और साइबर अपराधों के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि साइबर सुरक्षा अब उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि WhatsApp, Telegram या किसी अन्य मैसेजिंग ऐप के नए फीचर्स का इस्तेमाल धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े या पहचान चोरी के लिए हुआ, तो संबंधित कंपनी को जवाबदेह ठहराया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Telegram पर कार्रवाई का दिया उदाहरण

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि NEET-UG परीक्षा के दौरान पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे और उसके ‘मैसेज एडिट’ फीचर पर भी रोक लगाई गई थी। सरकार का कहना है कि यदि किसी प्लेटफॉर्म का फीचर साइबर अपराध को बढ़ावा देता है, तो भविष्य में भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।

WhatsApp के नए फीचर पर भी नजर

सरकार ने WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर भी चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि यूजरनेम, एडिट मैसेज या फर्जी ग्रुप जैसे फीचर्स का दुरुपयोग कर लोगों से ठगी या पहचान चोरी की जाती है, तो संबंधित कंपनी को जिम्मेदार माना जाएगा।

WhatsApp ने दी सफाई

WhatsApp की ओर से कहा गया है कि नया यूजरनेम फीचर यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि इसमें कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं, ताकि कोई बार-बार यूजरनेम का अनुमान न लगा सके और सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक हस्तियों व प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

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हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि वह कंपनियों के दावों के बजाय जमीनी नतीजों के आधार पर फैसला करेगी।

कमजोर पासवर्ड सबसे बड़ा खतरा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के मुताबिक, साइबर सुरक्षा केवल तकनीक से नहीं, बल्कि लोगों की सतर्कता से भी जुड़ी है। कमजोर पासवर्ड, असुरक्षित डिवाइस और लापरवाही आज भी साइबर हमलों की सबसे बड़ी वजह हैं।

अधिकारियों ने कहा कि कोई भी डिजिटल सिस्टम 100% सुरक्षित नहीं हो सकता, इसलिए सरकार लगातार सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और हर संभावित खतरे पर नजर बनाए हुए है।

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