20 Aug 2026, Thu
Breaking

13 साल से अंबिकापुर में छिपा था झारखंड का उम्रकैद का आरोपी साबीर आलम : वासेपुर डबल मर्डर केस में गिरफ्तारी से पहले पुलिस को चकमा देकर भागा

अंबिकापुर, 06 जुलाई 2026

झारखंड के चर्चित वासेपुर डबल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। दो महिलाओं की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका फरार आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था। झारखंड पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो वह कार्रवाई के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। अब झारखंड और सरगुजा पुलिस उसकी तलाश में संयुक्त अभियान चला रही हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी साबीर आलम पर 18 अक्टूबर 2001 को झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर में चर्चित शख्स फहीम खान की मां और मौसी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के बाद वह फरार हो गया और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश भी जारी किए थे।

 

 

अंबिकापुर में बदल ली थी पहचान

बताया जा रहा है कि साबीर आलम वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपारा इलाके में नई पहचान के साथ रह रहा था। इस दौरान उसने बस संचालन और सिलाई के काम की आड़ में सामान्य जीवन बिताया। स्थानीय लोगों के बीच उसने अपनी अलग पहचान बना ली थी, जिससे किसी को उसके आपराधिक अतीत की भनक नहीं लगी।

बस संचालक पर भी मामला दर्ज

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को अंबिकापुर में छिपकर रहने में एक स्थानीय बस संचालक की अहम भूमिका रही। आरोप है कि उसने आरोपी को आश्रय देने के साथ उसकी पहचान छिपाने में भी मदद की। इस मामले में पुलिस ने बस संचालक वैदुल खान और अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पढ़ें   भिलाई में 2.75 करोड़ की शेयर धोखाधड़ी: 5 साल से फरार आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, सुपेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गिरफ्तारी से पहले पुलिस को दिया चकमा

सूत्रों के अनुसार, झारखंड पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उम्रकैद का सजायाफ्ता आरोपी अंबिकापुर में रह रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम अंबिकापुर पहुंची, लेकिन कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद झारखंड पुलिस ने स्थानीय सिटी कोतवाली पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सरगुजा पुलिस भी जांच में शामिल हो गई।

कई सवालों के घेरे में मामला

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आजीवन कारावास की सजा पा चुका और भगोड़ा घोषित आरोपी आखिर 13 वर्षों तक अंबिकापुर में कैसे छिपकर रह सका। साथ ही यह भी चर्चा का विषय है कि झारखंड पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना क्यों की।

फिलहाल, झारखंड और सरगुजा पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, आरोपी को संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

Share

 

 

 

 

 

You Missed