सतीश शर्मा
रायपुर, 8 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) द्वारा 4 करोड़ 13 लाख 82 हजार 400 रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा के निर्माण एवं उन्नयन कार्य हेतु 2 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्रवासियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। ग्राम गोरपार और नंदगांव में 25 केएल सम्पवेल आधारित पेयजल व्यवस्था के लिए 6.47 लाख रुपये, ग्राम शहपुर में नलकूप, रॉ-वॉटर पंप और पाइपलाइन विस्तार के लिए 9.94 लाख रुपये, ग्राम नवापारा के लिए 5.32 लाख रुपये तथा ग्राम पुसल्दा के लिए 8.45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से संबंधित गांवों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए धरमजयगढ़ स्थित शासकीय आईटीआई भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82.86 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे संस्थान की अधोसंरचना मजबूत होगी और तकनीकी प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
शिक्षा क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत साम्हारसिंघा में नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14.30 लाख रुपये की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। स्वास्थ्य कार्य सीजीएमएससी, पेयजल योजनाएं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आईटीआई भवन का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड तथा प्राथमिक शाला भवन का निर्माण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा।
डीएमएफ से स्वीकृत इन विकास कार्यों के पूरा होने से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं का दायरा और मजबूत होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं मिलने के साथ जिले के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।




